मधुकर गौड़ ने हिंदी साहित्यिक मंच पर अश्लील चुटकुलों और कविताओं को समाप्त करने तथा मुंबई के हिंदी काव्य मंच की गरिमा को पुनः स्थापित करने के लिए गीत अभियान चलाया और मुंबई में १५ अखिल भारतीय गीत संध्याएं और कवि सम्मलेन आयोजित किये, उसी के कुछ अंश और स्मारिकाएँ